ब्राह्मी के फायदे और नुकसान ! एक चमत्कारी औषधि

 

ब्राह्मी के फायदे और नुकसान ! एक चमत्कारी औषधि

ब्राह्मी (वानस्पतिक नाम : Bacapa monnieri)

का एक औषधीय पौधा है जो भूमि पर फैलकर बड़ा होता है।

इसके तने और पत्तियाँ मुलामय, गूदेदार और फूल सफेद होते है।

यह पौधा नम स्‍थानों में पाया जाता है, तथा मुख्‍यत: भारत ही इसकी उपज भूमि है।

 ब्राह्मी एक प्रकार की औषधि है जिसका हर भाग हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
 ब्राह्मी बारहमासी जड़ी बूटी सर्दियों से भारत में आयुर्वेदिक और पारम्परिक दवाओं के रूप में उपयोग की जा रही है
इसे जलनिम्ब भी कहते है क्योंकि यह पोधा नम स्थानों में पाया जाता है
यह जड़ी स्वास्थ्य पर अद्वितीय परभाव डालती है

ब्राह्मी के फायदे और नुकसान ! एक चमत्कारी औषधि

 इस जड़ी बूटी को सुखाकर , पीसकर और किसी भी अन्य रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है

इसकी पतियों को 2-3 प्रतिदिन चबाना आपके लिए लगभग एक विटामिन पूरक की तरह टोनिक के रूप में काम करता है
इसका स्वाद फीका होता है और इसकी तासीर ठंडी होती है
ब्राह्मी का अधिक सेवन करना खतरनाक हो सकता है।
ऐसा करने से सिरदर्द, घबराहट, खुजली, चक्कर, बेहोशी, त्वचा का लाल होना आदि समस्याएं हो सकती है।
याद रहे ब्राह्मी का 12 हफ़्तों से ज्यादा सेवन करना ठीक नही है
जब इसकी जरूरत हो तब ही उपयोग करें यदि आप पेट संवेदंनशील है या अल्सर है

उन्हें शायद इसका सेवन अच्छी तरह बर्दाशत न हो वे इसे गाये के घी के साथ ले



 आइए जानें इसके स्वास्थ्य लाभ के बारे में


1.कुछ शोध अधयन् में ब्राह्मी को बढे हुए रक्त के स्तर के साथ जोड़ा गया है

इसलिए ब्राह्मी हाईपोग्लाइसिया में सुधर करने के लिए सक्षम होती है और एक सामान्य स्वस्थ जीवन जीने में मदद करती है

2.ब्राह्मी के सबसे बेश्कीमती लाभों में से है

स्मृति , एकाग्रता और दिमाग को उत्तेजित करने की क्षमता ,ब्राह्मी स्मृति , फोकस और प्रतिधारण बढ़ाने के लिए लम्बे समय से आयुर्वेदिक चिकित्सा में इस्तेमाल की जा रही है

ब्राह्मी मी कुछ कार्बोनिक योगिक मस्तिष्क में संज्ञानात्मक रस्ते को प्रोत्साहित करते है

3.यदि आप घाव भरने में तेजी लाना चाहते हैं और उसी समय त्वचा शुद्ध करना चफ्ते हैं

तो प्रभावित क्षेत्र पर ब्राह्मी का रस या तेल लगाये यह त्वचा पर निशान को कम करते हैं और त्वचा को चिकनी और स्वस्थ बनाते है

4.ब्राह्मी की पत्तियां हजारों सालों से मिर्गी के खिलाफ एक इलाज के रूप में इस्तेमाल की जा रही है

यह मिर्गी के दौरे को रोकती है साथ ही मानसिक रोग के अन्य रूपों और नसों के दर्र्द सहित दविद्रुवी विकारो को रोकने में मदद करती है

5.ब्राह्मी में डिमेंशिया और अल्जाइमर आदि विकारों को शुरुआत को कम करने की क्षमता होती है

आयुर्वेदिक में ब्राह्मी को अल्जाइमर के लिए आशाजनक उपचार बताया गया है

6.इसका किसी भी रूप में सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली को एक आवश्यक बढ़ावा देती है

इसके एंटीऑक्सीडेंट योगिक वायरस या जीवाणु संकर्मण के खिलाफ हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिकिर्या का समय बदने के लिए होते है

7.जब ब्राह्मी को चाय में या सामान्य पत्तियों के रूप में चबाया जाता है

तब गंभीरता से आपके श्वसन स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकती है

यह ब्रोंकाइटिस, रक्त संकुलन छाती में सर्दी और साईनस ब्लोकेज के आयुर्वेदिक उपचार में इस्तेमाल की जाती है

यह अतिरिक्त बलगम या कफ को बाहर कर सूजन को दूर करके तेजी से गले और सांस में राहत प्रदान करती है

8.तनाव और चिंता से राहत देने के लिए ब्राह्मी पोधे की पत्तियो को चबाना चाहिए ब्राह्मी में कुछ सक्रिय तत्व होते है

जो हमारे शरीर के हार्मोनल संतुलन पर सकारात्मक प्रभाव डालते है

किसके फलसवरूप तनाव और चिंता , पारम्परिक दवा के दुष्प्रभाव आदि से बचा जा सकता है

9.इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण जीवन शैली को बढावा देने वाले है

इसके नियमित सेवन से मस्तिष्क की शक्ति बढ़ने लगती है

ये मुक्त कण हमारे त्वचा से लेकर हृदय प्रणाली तक परभावित करते है

10.जब ब्राह्मी पोधों की पत्तियों को शरीर के प्रभावित् हिस्से पर मला जाता है

तब इसमें मोजूद योगिक सूजन को कम और जलन को दूर करते हैं,

साथ ही शरीर के अन्दर हो रही उत्तेजना को ख़त्म करते है यह गठिया और अन्य सूजन सम्बन्धी रोगों से पीड़ित लोगो के लिए आदर्श है

हानिकारक प्रभाव मिटाने के उपाय :

 

ब्राह्मी के दुष्प्रभाव को मिटाने के लिए आप सूखे धनिये का प्रयोग कर सकते हैं।


दोषों को दूर करने वाला :

दूध और वच इसके गुणों को सुरक्षित रखते हैं एवं इसमें व्याप्त दोषों को दूर करते हैं।

सामान्यतया मानस रोगों के लिए ही प्रयुक्त यह औषधि अब धीरे-धीरे बलवर्धक रसायन के रूप में भी मान्यता प्राप्त करती जा रही है ।
यह हर दृष्टि से हर वर्ग के लिए हितकर है तथा प्रकृति का मनुष्य को एक श्रेष्ठ अनुदान है ।





Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*